जेनरेशन-बीटा : एक समाजशास्त्रीय अध्ययन

Authors

  • डॉ. अखिलेश सिंह असिस्टेंट प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग, राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सुल्तानपुर, (उत्तर प्रदेश), भारत Author

DOI:

https://doi.org/10.67715/ijerast.v1i4.21

Keywords:

जेनरेशन-बीटा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, समाजीकरण, एआई नेटिव, डिजिटल तकनीक

Abstract

यह शोधपत्र जेनरेशन-बीटा (McCrindle, 2025 के अनुसार 2025 से 2039 के बीच जन्म लेने वाली पीढ़ी) की सामाजिक, सांस्कृतिक और तकनीकी विशेषताओं का समाजशास्त्रीय अध्ययन प्रस्तुत करता है। यह पीढ़ी ऐसे समय में जन्म ले रही है, जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), इंटरनेट, स्मार्ट उपकरण और डिजिटल तकनीक जीवन का सामान्य हिस्सा बन चुके हैं। इसलिए इस पीढ़ी का विकास और समाजीकरण पहले की सभी पीढ़ियों से भिन्न होगा।

चूँकि जेनरेशन-बीटा अभी अपने प्रारंभिक बचपन में है, इसलिए इस अध्ययन का आधार लेखक द्वारा अपने एक वर्षीय पौत्र का प्रत्यक्ष अवलोकन है। इसके साथ-साथ वर्तमान सामाजिक परिवर्तनों, तकनीकी विकास तथा पारिवारिक अनुभवों का भी विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि जेनरेशन-बीटा का समाजीकरण जन्म से ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीक के वातावरण में हो रहा है। यदि परिवार, विद्यालय और समाज मिलकर तकनीक तथा मानवीय मूल्यों के बीच संतुलन बनाए रखें, तो यह पीढ़ी भविष्य में तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी जिम्मेदार नागरिक बन सकती है।

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Published

2026-07-30

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Section

Articles

How to Cite

जेनरेशन-बीटा : एक समाजशास्त्रीय अध्ययन. (2026). International Journal of Emerging Research in Arts, Science and Technology, 1(4), 12-15. https://doi.org/10.67715/ijerast.v1i4.21