उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास में वित्तीय समावेशन की प्रभावशीलता : पूर्वांचल क्षेत्र का शोधात्मक अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.67715/ijerast.v1i2.9Keywords:
वित्तीय साक्षरता, वित्तीय समावेशन, ग्रामीण विकास, सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण, उत्तर प्रदेशAbstract
वित्तीय समावेशन ग्रामीण विकास का एक महत्वपूर्ण साधन है जो आर्थिक वृद्धि और सामाजिक सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करता है। यह अध्ययन उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में वित्तीय समावेशन की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करता है। 398 ग्रामीण परिवारों से संग्रहित आंकड़ों का विश्लेषण संरचनात्मक समीकरण मॉडलिंग (SEM) और ANOVA का उपयोग करके किया गया। परिणाम दर्शाते हैं कि वित्तीय साक्षरता का वित्तीय समावेशन पर सीधा सकारात्मक प्रभाव (0.258, p<0.001) है। वित्तीय निर्णय निर्माण (0.176, p<0.001) और वित्तीय प्रबंधन व्यवहार (0.499, p<0.001) महत्वपूर्ण माध्यमकारी भूमिका निभाते हैं। वित्तीय समावेशन शिक्षा (0.758), वित्तीय (0.813), आर्थिक (0.426), रोजगार (0.156) और स्वास्थ्य (0.150) आयामों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। निष्कर्ष में, वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी और टिकाऊ विकास संभव है।
